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*_▶ तज़किरए इमाम अहमद रज़ा 💡_*
_*⤵विलादते बा सआदत*_
मेरे आक़ा आला हज़रत, इमामे अहले सुन्नत, हज़रते अल्लामा मौलाना अलहाज अल हाफ़िज़ अल कारी अश्शाह इमाम अहमद रज़ा खान अलैहिर्रहमा की विलादते बा सआदत बरेली शरीफ के मुहल्ला जसुली में 10 शव्वालुल मुकर्रम 1272 हिज़री वक़्ते ज़ोहर मुताबिक़ 14 जून 1856 ई. को हुई। सने पैदाइश के ऐतिबार से आप का नाम अल मुख्तार (1272 ही.) है। आप का नामें मुबारक मुहम्मद है और आप के दादा ने अहमद रज़ा कह कर पुकारा और इसी नाम से मश्हूर हुए।
_आपने अपनी चार बरस की नन्ही सी उम्र में क़ुरआन शरीफ नज़ारा खत्म कर लिया व छः बरस की उम्र में माहे रबीउल अव्वल शरीफ के मौके पर मिम्बर पे रौनक़ अफ़रोज़ होकर बहुत बड़े मजमे की मौजूदगी में ज़िक्रे मिलाद शरीफ पढ़ा।_
*📚हयाते आला हज़रत, 1/58*
*📚तज़किरए इमाम अहमद रज़ा, 2*💫
*_▶ तज़किरए इमाम अहमद रज़ा 💡_*
_*⤵विलादते बा सआदत*_
मेरे आक़ा आला हज़रत, इमामे अहले सुन्नत, हज़रते अल्लामा मौलाना अलहाज अल हाफ़िज़ अल कारी अश्शाह इमाम अहमद रज़ा खान अलैहिर्रहमा की विलादते बा सआदत बरेली शरीफ के मुहल्ला जसुली में 10 शव्वालुल मुकर्रम 1272 हिज़री वक़्ते ज़ोहर मुताबिक़ 14 जून 1856 ई. को हुई। सने पैदाइश के ऐतिबार से आप का नाम अल मुख्तार (1272 ही.) है। आप का नामें मुबारक मुहम्मद है और आप के दादा ने अहमद रज़ा कह कर पुकारा और इसी नाम से मश्हूर हुए।
_आपने अपनी चार बरस की नन्ही सी उम्र में क़ुरआन शरीफ नज़ारा खत्म कर लिया व छः बरस की उम्र में माहे रबीउल अव्वल शरीफ के मौके पर मिम्बर पे रौनक़ अफ़रोज़ होकर बहुत बड़े मजमे की मौजूदगी में ज़िक्रे मिलाद शरीफ पढ़ा।_
*📚हयाते आला हज़रत, 1/58*
*📚तज़किरए इमाम अहमद रज़ा, 2*💫
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