कुछ जगह मय्यत को गुस्ल देने के बाद तजहीज़ व तकफ़ीन के वक़्त उसके बालों में कंघी करने लगते हैं, यह मना है। हदीस में है कि *हज़रते सय्यदना आइशा सिद्दीक़ा रदीअल्लाहु तआला अन्हा* से मय्यत के सर में कंघी करने के बारे में सवाल किया गया तो आपने मना फ़रमाया कि क्यूँ अपनी मय्यत को तकलीफ पहुंचाते हो।
📗 *(फतावा रजविया जिल्द 4 सफ़ा 33, बहवाला किताब उल आसार इमाम मुहम्मद)*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 60*
*Note- बिला बज़ा कोई ऐसा काम न करे जो शरीअत मे मना हो अक्सर कुछ जगह बाज़ औरते जब कोई औरत सुहागन मरती है। उनको कंघी भी करती है माँग भी भरती है। यह शरीअत गलत है। और ऐसा करना गुनाह है।*
📗 *(फतावा रजविया जिल्द 4 सफ़ा 33, बहवाला किताब उल आसार इमाम मुहम्मद)*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 60*
*Note- बिला बज़ा कोई ऐसा काम न करे जो शरीअत मे मना हो अक्सर कुछ जगह बाज़ औरते जब कोई औरत सुहागन मरती है। उनको कंघी भी करती है माँग भी भरती है। यह शरीअत गलत है। और ऐसा करना गुनाह है।*
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