_सलाम करने या सलाम का जवाब देने में आजकल सिर्फ इशारा कर देना या हाथ उठा देना या थोड़ा सा सर हिला देना काफी राइज हो गया है। हालांकि इस तरह सलाम की सुन्नत अदा नहीं होती और अगर किसी ने सलाम किया और उसके जवाब में सिर्फ यही किया मुँह से वअलैकुमुस्सलाम न कहा तो गुनाहगार भी हुआ।_
*_आलाहज़रत अलैहिर्रहमा फरमाते हैं।_*
*"बन्दगी आदाब, तसलीमात वगैरा अल्फाज सलाम से नहीं और सिर्फ हाथ उठा देना काफी नहीं जब तक उसके साथ कोई लफ्ज़ सलाम का न हो।"*
📚 *_(फ़तावा रज़विया, जिल्द 10,निस्फ अव्वल, सफहा 198)_*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा,133, 134*
*_आलाहज़रत अलैहिर्रहमा फरमाते हैं।_*
*"बन्दगी आदाब, तसलीमात वगैरा अल्फाज सलाम से नहीं और सिर्फ हाथ उठा देना काफी नहीं जब तक उसके साथ कोई लफ्ज़ सलाम का न हो।"*
📚 *_(फ़तावा रज़विया, जिल्द 10,निस्फ अव्वल, सफहा 198)_*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा,133, 134*
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