*मोअजज़ा ए हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम* *पोस्ट नंबर 6⃣*


*⛰पहाड़ का हिलना⛰*

💎एक दिन हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने साथ हज़रते अबू बकर व हज़रत उमर हज़रते उस्मान रदियल्लाहु ताला अन्हु को लेकर *उहद पहाड़* पर चढ़े ! पहाड़ (जोशे मुसर्रत) झूम कर हिलने लगा ! उस वक़्त आपने पहाड़ को ठोकर मारकर ये फ़रमाया की *"ठहर जा"* इस वक़्त तेरी पुश्त पर एक पैगम्बर है सिद्दीक़ है और दो (हज़रते उमर व उस्मान) शहीद है !
*📚(बुखारी जिल्द 1, सफा 519, बाब फज़ले अबी बकर)*

🖋आला हज़रत फरमाते है~
*एक ठोकर में उहद का ज़लज़ला जाता रहा,*
*रखतीं है कितना वक़ार अल्लाहु अकबर एडियां !*
*➡जारी•••*

No comments:

Post a Comment

Our Social Sites