*【POST 131】नए साल की मुबारकबादियां देना केसा?*

_मुसलमानों में अंग्रेज़ी साल के पहले दिन पहली जनवरी को खुशी मनाने मिठाईयां बांटने मुबारकबादियां देने और भेजने का रिवाज आम हो गया है और तरह-तरह की फुज़ूल खर्चियां की जाती हैं।_

*_हालांकि पहली जनवरी हो या पहली अप्रेल (अप्रैल फूल) 25 दिसम्बर बड़ा दिन हो या गुड फ्राइडे, इन सब का इस्लाम और मुसलमानों से कोई तअल्लुक नहीं बल्कि इनको अहमियत देना या त्योहार समझना ‘ईसाईयत' है और काफ़िरों और गैर मुस्लिमों का तरीक़ए कार मुसलमानों को चाहिए इस्लामी त्योहार मनायें और इस्लामी दिनों को अहमियत दें ईसाईयत न अपनायें कहीं ऐसा न हो कि आपका हश्र ईसाईयों के साथ हो।_*

📖 _हदीस शरीफ़ में है *अल्लाह तआला* के *रसूल सय्यिदे आलम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम*  फरमाते हैं “जो जिस कौम का तरीक़ए कार अपनाए वह उन्हीं में से है।’_

_आजकल मुसलमानों में बच्चों की सालगिरह मनाने का रिवाज भी बहुत ज़ोर पकड़ गया है और इसमें गैर जरूरी अख़राजात किये जाते हैं और केक काटे जाते हैं। यह सब भी इस्लामी नुक़तए नज़र से कुछ अच्छा नहीं मालूम होता इसमें अंग्रेज़ी तहज़ीब और ईसाईयत की बू आती है।_

_*📚ग़लत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफ़हा 138📚*_

_*Note:-* लिहाजा ईमान वालों अपने आपको ऐसे हराम काम करने से दूर रखें और अपने अजीज़ो आकरिब को भी मना करे खुसूशी अपने नौजवान बच्चों को समझाए और दीन की सही मालूमात दे!_

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