*【POST 53】शौहर का बीबी के जनाज़े को उठाना*

*अवाम में यह ग़लत मशहूर है कि शौहर बीवी के मरने के बाद न देख सकता है न उसके जनाज़े को हाँथ लगा सकता है। और न कान्धा दे सकता है।*

_सही बात यह है कि शौहर के लिए अपनी बीवी को मरने के बाद देखना भी जाइज़ है और उसके जनाज़े को उठाना और कान्धा देनां, क़ब्र में उतारना भी जाइज़ है_

📘 *(फतावा रजविया, जिल्द 4, सफ़हा 91)*
📚 *(गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 55)*
   
📍 *Note- आजकल आवाम मे नयी नयी रश्मे ईजाद हो रही है। जो शरीअतन गलत और महज़ गुमराही है। जिनका रोकना और मना करना दुरूस्त व सही है। कुछ नाम निहाद लोग ऐसे होते है। जिनको कितना ही समझाओ उनको समझ नही आता और अपनी हट धर्मी पर अड़े रहते है। ऐसो लोगो को बड़े प्यार से समझाना चाहिए अपनी बात सीधी उनके दिल मे घर कर जाए। न की उनको चिल्लाकर डाटकर समजाओ ऐसा करना भी गलत है। मोहब्बत से जो काम हो जाएगा वह गुस्से मे न होंगा लिहाजा हम सभी को चाहिए अपने मोमिन भाई की इस्लाह बड़े प्यार से करनी चाहिए। अल्लाह तआला हम सबको अमल की तौफीक अता फरमाए।*

  *आमीन सुम्मा आमीन या रब्बुल आलमीन*

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