कुछ लोग घर में मय्यत हो जाने या बच्चा पैदा होने के बाद घर की पुताई कराते हैं और समझते हैं कि घर नापाक हो गया उसकी धुलाई सफ़ाई और पुताई कराना जरूरी है। हालांकि यह उनकी ग़लतफ़हमी है और इस्लाम में ज्यादती है। पुताई सफ़ाई अच्छी चीज़ है, जब ज़रूरत समझे करायें लेकिन बच्चा पैदा होने या मय्यत हो जाने की वजह से उसको कराना और लाजिम जानना जाहिलों वाली बातें हैं, जिन्हें समाज से दूर करना ज़रूरी है।
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 60*
*Note- हम हर जगह नई-नई बाते ईजाद हुए सुनते और देखते पर उनकी जाहिलयत की वजह से उनको रोक नही पाते अगर रोके भी तो मुँह की खानी पढ़ती है। इसलिए अपनी बेइज्जती के डर से खमोश रहते है। लेकिन मे अपने भाईयो-बहनो से कहूँगा गैर शरअ काम होते हुए देखो तो उसको रोको ज़रूर बरना इसकी सज़ा और अल्लाह तआला की बारगाह मे इसकी शक्त पकड़ तुम्हारी भी होंगी।*
*अल्लाह तआला से दुआ है अपने हबीब सल्लल्लाहो तआला अलह वसल्लम के सदके हमे दीन दुनिया की समझ अता फरमाए।*
*आमीन सुम्मा आमीन या रब्बुल आलमीन*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 60*
*Note- हम हर जगह नई-नई बाते ईजाद हुए सुनते और देखते पर उनकी जाहिलयत की वजह से उनको रोक नही पाते अगर रोके भी तो मुँह की खानी पढ़ती है। इसलिए अपनी बेइज्जती के डर से खमोश रहते है। लेकिन मे अपने भाईयो-बहनो से कहूँगा गैर शरअ काम होते हुए देखो तो उसको रोको ज़रूर बरना इसकी सज़ा और अल्लाह तआला की बारगाह मे इसकी शक्त पकड़ तुम्हारी भी होंगी।*
*अल्लाह तआला से दुआ है अपने हबीब सल्लल्लाहो तआला अलह वसल्लम के सदके हमे दीन दुनिया की समझ अता फरमाए।*
*आमीन सुम्मा आमीन या रब्बुल आलमीन*
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