सवाल- हज़रत आदम अलैहिस्सलाम ने शजरे ममनू का जो फल खाया था वह आपके शिकमे अतहर में कितने दिनों तक रहा?
*जवाब- हज़रते अली रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हु फरमाते है कि एक रोज हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की बारगाह में कुछ यहूदी आए और पूछा या रसूलुल्लाह(सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम)हमने तौरेत में लिखा देखा है कि आपकी उम्मत पर तीस रोज़े फ़र्ज़ किये गये हैं आपने फरमाया यह बात सही है क्योंकि हज़रत आदम अलैहिस्सलाम ने बहिश्ते बरी में जो दाना गंदुम शीरीं खाया था वह आपके शिकमे अतहर में तीस रोज़ तक रहा इस लिए तीस रोज़े फ़र्ज़ किये गए ।*
(महफ़ूजत हज़रत निजामुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैहि सफ़्हा53)
सवाल- हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के तने नूरी से जन्नती लिबास उतर जाने के बाद किस पेड़ के पत्तों से आपने सतरपोशी की?
*जवाब- शजरे ममनू का दाना खाना था कि हल्ले नूरी जसदे नूरी से जुदा हो गए आप रोने लगे और अज़ खुद जल्दी में बदन एमन छिपाने को जिस तरफ जाते वह पेड़ आपसे दूर होते आखिर आप इंजीर के चार पत्तो से जिस्म मुबारक को छिपाकर फिर अल्लाह तआला का ख़िताब हुआ अब बहिश्त से बाहर तशरीफ ले जाइए हज़रत आदम अलैहिस्सलाम आँखो में आँसू और सीने में गम लिए हव्वा रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हा का हाथ थामे बाहर तशरीफ लाए और बाज़ उल्मा ने यह भी कहा है कि आपने ऊँन के पेड़ पत्तों से सतरपोशी की थी।*
(मआरिजनबुव्वत सफ़्हा44)
सवाल- हज़रत आदम अलैहिस्सलाम और हजरत हव्वा रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हा जन्नत से दुनिया में किस जगह उतारे गए?
*जवाब- इस बारे में अइम्मा तफ़सीर व मार्रिख़ीन पाकीज़ा तहरीर इख्तिलाफ रखते है कि हजरत आदम अलैहिस्सलाम व हजरते हव्वा रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हा जन्नत से दुनिया दारुल मलाम में कहाँ उतारे गए(1)हज़रत आदम अलैहिस्सलाम हिंदुस्तान में शहर सरंदीप के उस पहाड़ पर उतारे गए जिसको"नूद"कहते हैं हज़रत हव्वा रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हा साहिल दरियाए हिंद पर लाई गयीं इसलिए महतब हव्वा का नाम जद्दा रखा गया और मोर को मरजुल हिंद में शैतान को नेसान में जो कि बसरा से कुछ फ़ासले पर है या जहाँ अब याजूज व माजूज की दिवार क़ायम है और साँप को बहिस्तान या असफ़हान में फेंका गया(2)हज़रत इब्ने उमर रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हु फरमाते है कि हजरत आदम अलैहिस्सलाम को सफ़ा पर और हज़रते हव्वा रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हा को मरवा पर उतारे गए(3)हज़रत इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हु फरमाते है कि हिंद के शहर वहना में उतरे(4)एक रिवायत है कि हजरत आदम अलैहिस्सलाम मक्का और ताएफ़ के दरमियान उतरे(5)बाज़ो ने यह भी कहा है कि हजरत हव्वा रज़ियल्लाहु-तआला-अन्हा मुज़दलफा पर उतारी गयीं और बाज़ ने कहा अरफा पर और इब्लीस ख़सीस को अबला पर जो बसरा या जद्दा के करीब एक पहाड़ है।*
(तफ़्सीर नईमी जिल्द1सफ़्हा330/हाशिया जलालैन सफ़्हा131)
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*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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