*_﷽-الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ_*
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《[इस्लामी हैरत अंगेज़ मालूमात पोस्ट(58)]》
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*《हुज़ूर नबी-ए-करीमﷺका बयान》*
*《पोस्ट (05)》*
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सवाल- हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का सीना ए मुबारक कितनी बार शक़ किया गया और कब कब?
*जवाब- शक़े सदर चार बार हुआ(1)जब आप हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हलीमा सदिया के धर थे उस बार शक़े सदर में वह नुक़्ता था कि खेल की रग़बत जो लड़कों के दिल में होती है आपके दिल से दुर हो जाए और बुजुर्गो की तरह तमकीन और वक़ार हासिल हो(2)दस बरस की उम्र शरीफ़ में सीना मुबारक फ़रिश्तों ने चाक किया और शफ़क़्क़त और मैहरबानी से भर दिया ताकि ग़ज़ब और गुस्सा कि इस उम्र का मुक़्तज़ी है कि दबा रहे और मेहर व मुहब्बत कि गुनाहगार उम्मत को इसकी हाजत होती है ताकि गुनाहगार उम्मत को इसकी आदत हो जाए(3)बेअसत के करीब दिल मुकद्दस को चाक किया ताकि बारे"वही"का तहम्मुल हो और कलामें इलाही को समझने की कुब्ब हासिल हो(4)मैराज की रात यह वाक़ेअ हुआ कि दिल मुबारक में अनवार व तजल्लियाते और व मुआरिफ की इस्तेदाद और क़ाबलियत पैदा हो और आपका हौसला बक़द उन तरक्कियात में कमालात के कि इस रात इनायत होंगें वसीअ फराख़ हो जाए।*
(तफ्सीर अलम नशरह 10/16/मदारिज़नबुव्वत 1/222)
सवाल- वह हजरात कितने और कौन कौन से हैं जो हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की विलायत व इज़्हारे नबुव्वत से पहले आप पर ईमान लाकर मुशर्रफ बा इस्लाम हुए?
*जवाब- ऐसे खुशनसीब अफ़राद की तादाद हमें मिली वह यह है(1)तबा हमीरी शाह यमन"असद अबू करीब यमानी"(2)हबीब इब्ने नज़्ज़ार(3)ज़ैद बिन अमरू मवहिब जाहिलया"यह वह हजरात है जो विलायत से पहले सिर्फ आपके अवसाफ़ सुनकर ईमान लाए"(4)वरक़ा बिन नोफ़ल(5)वुहैरा राहिब"यह दो वह हजरात है जो हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम पर आपके इज़्हारे नबुव्वत से पहले ईमान लाए।*
(तफ्सीर अलम नशरह 60/हाशिया जलालैन 12/369/मदाऱिज नबुव्वत 2/41)
सवाल- हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने मुल्के शाम का पहला शफर किस उम्र में किया?
*जवाब- बारह साल दो माह दस दिन की उम्र में किया।*
(मदारिज़नबुव्वत2/40/मआरिजुन्नबुव्वत2/54)
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*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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《[इस्लामी हैरत अंगेज़ मालूमात पोस्ट(58)]》
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*《हुज़ूर नबी-ए-करीमﷺका बयान》*
*《पोस्ट (05)》*
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सवाल- हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का सीना ए मुबारक कितनी बार शक़ किया गया और कब कब?
*जवाब- शक़े सदर चार बार हुआ(1)जब आप हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हलीमा सदिया के धर थे उस बार शक़े सदर में वह नुक़्ता था कि खेल की रग़बत जो लड़कों के दिल में होती है आपके दिल से दुर हो जाए और बुजुर्गो की तरह तमकीन और वक़ार हासिल हो(2)दस बरस की उम्र शरीफ़ में सीना मुबारक फ़रिश्तों ने चाक किया और शफ़क़्क़त और मैहरबानी से भर दिया ताकि ग़ज़ब और गुस्सा कि इस उम्र का मुक़्तज़ी है कि दबा रहे और मेहर व मुहब्बत कि गुनाहगार उम्मत को इसकी हाजत होती है ताकि गुनाहगार उम्मत को इसकी आदत हो जाए(3)बेअसत के करीब दिल मुकद्दस को चाक किया ताकि बारे"वही"का तहम्मुल हो और कलामें इलाही को समझने की कुब्ब हासिल हो(4)मैराज की रात यह वाक़ेअ हुआ कि दिल मुबारक में अनवार व तजल्लियाते और व मुआरिफ की इस्तेदाद और क़ाबलियत पैदा हो और आपका हौसला बक़द उन तरक्कियात में कमालात के कि इस रात इनायत होंगें वसीअ फराख़ हो जाए।*
(तफ्सीर अलम नशरह 10/16/मदारिज़नबुव्वत 1/222)
सवाल- वह हजरात कितने और कौन कौन से हैं जो हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की विलायत व इज़्हारे नबुव्वत से पहले आप पर ईमान लाकर मुशर्रफ बा इस्लाम हुए?
*जवाब- ऐसे खुशनसीब अफ़राद की तादाद हमें मिली वह यह है(1)तबा हमीरी शाह यमन"असद अबू करीब यमानी"(2)हबीब इब्ने नज़्ज़ार(3)ज़ैद बिन अमरू मवहिब जाहिलया"यह वह हजरात है जो विलायत से पहले सिर्फ आपके अवसाफ़ सुनकर ईमान लाए"(4)वरक़ा बिन नोफ़ल(5)वुहैरा राहिब"यह दो वह हजरात है जो हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम पर आपके इज़्हारे नबुव्वत से पहले ईमान लाए।*
(तफ्सीर अलम नशरह 60/हाशिया जलालैन 12/369/मदाऱिज नबुव्वत 2/41)
सवाल- हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने मुल्के शाम का पहला शफर किस उम्र में किया?
*जवाब- बारह साल दो माह दस दिन की उम्र में किया।*
(मदारिज़नबुव्वत2/40/मआरिजुन्नबुव्वत2/54)
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*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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