*_﷽-الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ_*
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《[इस्लामी हैरत अंगेज़ मालूमात पोस्ट(62)]》
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*《हुज़ूर नबी-ए-करीमﷺका बयान》*
*《पोस्ट (09)》*
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सवाल- हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम कि जिस्मानी मैराज की सैर की मुद्दत कितनी थी?*जवाब- मैराज की मुद्दत बाज़ ने चार साअत"लम्हें"बाज़ तीन साअत और बाज़ ने इससे भी कम कहा है।*
(हाशिया जलालैन 16/228/मआरिज़ नबुव्वत 3/150)
सवाल- शबे मैराज में हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने बैतुल मुकद्दस में तमाम अंबिया किराम को जो नमाज़ पढ़ाई उस नमाज़ में कितनी रकअते थी और नमाज़ कि अज़ान व इकामत किसने कही थी और नमाज़ में हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने कौनसी सुरत तिलावत फ़रमाई?
*जवाब- उस नमाज़ में दो रकअते थी और नमाज़ कि अज़ान व इकामत हज़रत जिब्राईल अलैहिस्सलाम ने कही थी और आप हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उस नमाज़ कि पहली रकअत में सूरए काफ़िरून और दुसरी रकअत में सूरए इख़लास तिलावत फ़रमाई।*
(नजहतुल मजालिस 9/79/रूहुन मानी 15/12)
सवाल- शबे मैराज को बैतूल मुकद्दस में पढ़ी गई उस नमाज़ में अंबिया किराम व मुरसलीन की कितनी सफ़ें थीं और किस तर्तीब से थीं?
*जवाब- इस नमाज़ में अंबिया किराम व मुरसलीन अलैहिस्सलाम की सात सफें थीं तीन में मुरसलीन"रसुल"और चार में अंबिया किराम अलैहिस्सलाम थे हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की पुश्त के बिल मुक़ाबिल हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम दाएं हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम और बाएं हज़रत इस्हाक़ अलैहिस्सलाम थे।*
(हाशिया जलालैन 17/408/रुहुल बयान 5/112/रुहुल मानी 5/12)
सवाल- शबे मैराज अल्लाह तआला ने हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को कितनी चीज़ें अता फरमाई?
*जवाब- तीन चीजें अता फरमाई{1}पांच वक़्त की नमाज़{2}सुरए बक़रा की आखीरी आयतें{3}आपकी उम्मत में जो मुश्रिक न हो उनके गुनाहों की बख़्शिश।*
(अल अतक़ान फ़ी उलूमुल कुरआन 1/31/इब्ने कसीर 127)
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*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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《[इस्लामी हैरत अंगेज़ मालूमात पोस्ट(62)]》
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*《हुज़ूर नबी-ए-करीमﷺका बयान》*
*《पोस्ट (09)》*
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सवाल- हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम कि जिस्मानी मैराज की सैर की मुद्दत कितनी थी?*जवाब- मैराज की मुद्दत बाज़ ने चार साअत"लम्हें"बाज़ तीन साअत और बाज़ ने इससे भी कम कहा है।*
(हाशिया जलालैन 16/228/मआरिज़ नबुव्वत 3/150)
सवाल- शबे मैराज में हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने बैतुल मुकद्दस में तमाम अंबिया किराम को जो नमाज़ पढ़ाई उस नमाज़ में कितनी रकअते थी और नमाज़ कि अज़ान व इकामत किसने कही थी और नमाज़ में हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने कौनसी सुरत तिलावत फ़रमाई?
*जवाब- उस नमाज़ में दो रकअते थी और नमाज़ कि अज़ान व इकामत हज़रत जिब्राईल अलैहिस्सलाम ने कही थी और आप हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उस नमाज़ कि पहली रकअत में सूरए काफ़िरून और दुसरी रकअत में सूरए इख़लास तिलावत फ़रमाई।*
(नजहतुल मजालिस 9/79/रूहुन मानी 15/12)
सवाल- शबे मैराज को बैतूल मुकद्दस में पढ़ी गई उस नमाज़ में अंबिया किराम व मुरसलीन की कितनी सफ़ें थीं और किस तर्तीब से थीं?
*जवाब- इस नमाज़ में अंबिया किराम व मुरसलीन अलैहिस्सलाम की सात सफें थीं तीन में मुरसलीन"रसुल"और चार में अंबिया किराम अलैहिस्सलाम थे हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की पुश्त के बिल मुक़ाबिल हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम दाएं हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम और बाएं हज़रत इस्हाक़ अलैहिस्सलाम थे।*
(हाशिया जलालैन 17/408/रुहुल बयान 5/112/रुहुल मानी 5/12)
सवाल- शबे मैराज अल्लाह तआला ने हुज़ूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को कितनी चीज़ें अता फरमाई?
*जवाब- तीन चीजें अता फरमाई{1}पांच वक़्त की नमाज़{2}सुरए बक़रा की आखीरी आयतें{3}आपकी उम्मत में जो मुश्रिक न हो उनके गुनाहों की बख़्शिश।*
(अल अतक़ान फ़ी उलूमुल कुरआन 1/31/इब्ने कसीर 127)
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*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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