_ज़ानिया हामिला यअनी वह औरत जो बिना निकाह किए ही गर्भवती हो गई उससे निकाह को कुछ लोग नाजाइज़ समझते हैं हालाकि वह जाइज़ है। जिना इस्लाम में बहुत बड़ा गुनाह है और इसकी सज़ा बहुत सख्त है लेकिन अगर किसी औरत से जिनाकारी सरजद़ हुई, उससे निकाह किया जाये तो निकाह सही हो जायेगा, ख़्वाह वह ज़िना से हामिला हो गई हो जबकि वह औरत शौहर बाली न हो और निकाह अगर उसी शख्स से हो जिसका हमल है तो निकाह के बाद वह दोनों साथ रह सकते हैं. सुहबत व हमबिस्तरी भी कर सकते हैं और किसी दूसरे से निकाह हो तो जब तक बच्चा पैदा न हो जाये दोनों लोगों को अलग रखा जाये।और उनके लिए हमबिस्तरी जाइज़ नहीं।_
*इमामे अहले सुन्नत सय्यिदी आलाहज़रत फरमाते हैं।*
जो औरत *माज़अल्लाह* ज़िना से हामिला हो उससे निकाह सही है ख्वाह उस ज़ानी से हो या गैर से फर्क इतना है अगर जानी से से निकाह हो तो वह बाद निकाह उससे कुर्बत भी कर सकता है और ग़ैर ज़ानी से हो तो वज़ए हमल तक (बच्चा पैदा होने तक) .कुर्बत न करे।
📗 *(फतावा रजविया जिल्द 5 सफहा 199, फ़तावा अफ्रीका सफ़ा 15)*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 80*
*Note- मेरे प्यारे इस्लामी भाईयों ज़िना बहुत बड़ा गुनाह है। जिसके करने से अल्लाह तआला हमारी दुआ भी कुबूल नहीं करता है। और अपने कुर्ब खड़ा करना भी पंसद नही करता है। जरा सोचो मुसलमानों ज़िना कितना बड़ा गुनाह अल्लाह हुम्मा कबीरन कबीरा जिस शख्स और औरत ने जिना किया हो उसे रब तआला पसन्द न फरमाए फिर भी हमे ख़ौफ ए खुदा नही रहाइतना याद रखना मुसलमानों ज़िना एक ऐसा गुनाह है। जिसका खामयाजा तुम्हे अपने घर से देना होगा। अल्लाह हुअकबर अल्लाह हुअकबर खुदा की कसम जब भी तुम्हारे कदम इस गुनाह की तरफ बड़े अपने दिल मे एक ही ख़्याल रखना अगर दुनियाँ बाले नही देख रहे लेकिन मेरा अल्लाह तआला मुझें देख रहा है। यकीन जानो अगर तुम्हारे कदम ख़ौफ ए खुदा मे रूक गए तो आख़िरत सबर जाएँगी इन्शा अल्लाह तआला।*
*कल से दो तीन दिन पोस्ट न कर सकूँगा सफर मे रहूँगा इन्शा अल्लाह तआला वापिश आते ही पोस्ट चालू कर दूँगा दुआ की गुजारिश*
*इमामे अहले सुन्नत सय्यिदी आलाहज़रत फरमाते हैं।*
जो औरत *माज़अल्लाह* ज़िना से हामिला हो उससे निकाह सही है ख्वाह उस ज़ानी से हो या गैर से फर्क इतना है अगर जानी से से निकाह हो तो वह बाद निकाह उससे कुर्बत भी कर सकता है और ग़ैर ज़ानी से हो तो वज़ए हमल तक (बच्चा पैदा होने तक) .कुर्बत न करे।
📗 *(फतावा रजविया जिल्द 5 सफहा 199, फ़तावा अफ्रीका सफ़ा 15)*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 80*
*Note- मेरे प्यारे इस्लामी भाईयों ज़िना बहुत बड़ा गुनाह है। जिसके करने से अल्लाह तआला हमारी दुआ भी कुबूल नहीं करता है। और अपने कुर्ब खड़ा करना भी पंसद नही करता है। जरा सोचो मुसलमानों ज़िना कितना बड़ा गुनाह अल्लाह हुम्मा कबीरन कबीरा जिस शख्स और औरत ने जिना किया हो उसे रब तआला पसन्द न फरमाए फिर भी हमे ख़ौफ ए खुदा नही रहाइतना याद रखना मुसलमानों ज़िना एक ऐसा गुनाह है। जिसका खामयाजा तुम्हे अपने घर से देना होगा। अल्लाह हुअकबर अल्लाह हुअकबर खुदा की कसम जब भी तुम्हारे कदम इस गुनाह की तरफ बड़े अपने दिल मे एक ही ख़्याल रखना अगर दुनियाँ बाले नही देख रहे लेकिन मेरा अल्लाह तआला मुझें देख रहा है। यकीन जानो अगर तुम्हारे कदम ख़ौफ ए खुदा मे रूक गए तो आख़िरत सबर जाएँगी इन्शा अल्लाह तआला।*
*कल से दो तीन दिन पोस्ट न कर सकूँगा सफर मे रहूँगा इन्शा अल्लाह तआला वापिश आते ही पोस्ट चालू कर दूँगा दुआ की गुजारिश*
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