सवाल- हजरत आदम अलैहिस्सलाम की ख़मीर किस जगह तैयार की गई?
*जवाब- फ़रिश्तों ने अल्लाह तआला के हुक्म से मिट्टी का गारा उस जगह बनाया जहाँ आज बैतुलल्लाह शरीफ है।*
(तफसीर नईमी जिल्द1सफ़्हा285)
सवाल- हजरत आदम अलैहिस्सलाम की ख़मीर में अल्लाह तआला ने कितने दिनों कारिगरी फरमाई?
*जवाब- खल्लाके काएनात अज्जे इस्मुहू ने चालीस दिनों तक जो कि दुनिया के चालीस हजार साल के बराबर है ख़ास अपने दस्ते कुदरत से तख्मीर व कारिगरी फरमाकर हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के क़ालिब को तैयार किया और उनकी एक ऐसी हसीन व जमील सूरत बनाई कि आँखें हैरत से आपके जमाल बाकमाल से फैल जाती थीं।*
(मआरिज नबुव्वत जिल्द1सफ़्हा25)
सवाल- हजरत आदम अलैहिस्सलाम की सूरते जमीला कहाँ बनाई गई?
*जवाब- अल्लाह तआला ने आपकी सूरत की तख्लीक मक्का मौज़्ज़मा और ताएफ के दरमीयान वादी नौमान में अरफ़ात के पहाड़ से मुत्तसिन फ़रमाई।*
(तफ़सीर नईमी जिल्द1सफ़्हा285)
सवाल- हजरत आदम अलैहिस्सलाम का पुतला तैयार होने के कितने साल बाद जान डाली गई?
*जवाब- आपका ढांचा तैयार होने के चालीस साल बाद उसमें रूह फूँकी गई दुसरा कौल यह है कि हजरत आदम अलैहिस्सलाम का ढांचा वजूदी चालीस साल तक चमकती मिट्टी की शक़्ल में रहा फिर चालीस साल तक स्याह गारे की शक़्ल में फिर चालीस साल तक खनकती मिट्टी की शक़्ल में रहा इस तरह एक सौ बीस साल का अरसा गुजर जाने के बाद ख़ालिके काएनात ने उसमें रूह फूँक दी और हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का वजूद बावजुद कज़ाए वजूद में आया और एक रिवायत यह भी है कि अल्लाह तआला ने हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को चालीस हज़ार साल तक अपनी निगाह ख़ास में रखा।*
(ख़ज़ाईनुल इरफान पारा29/अलबिदाया जिल्द1सफ़्हा86/हाशिया जलालैन सफ़्हा483/मआरिजनबुव्वत जिल्द1सफ़्हा25)
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*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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