*【POST 10】लोटे या गिलाश को पाँच उँगलियो से पकड़ने का मसला*

*पानी से भरे लोटे या बरतन को पाँच उँगलियो से पकड़ने को बुरा जाना जाता है। और मकरूह ख्याल किया जाता है। हालांकि यह एक जाहिलाना ख्याल है। पाँच उँगलियो से अगर लोटे को पकड़ लिया जाए तो उससे पानी मे कोई खराबी नही आती ।*
     
आज कल कम इल्म रखने बाले लोग इसको गलत समझते है। और पानी को बे बजह बरबाद कर देते है। ऐसा करना मना है। बे बजह पानी बरबाद करना इस्लाम मे मना किया गया है। और हमे इससे बचना भी चाहिए हमारा इस्लाम तो हमे वुज़ू के लिए कम पानी इस्तमाल करने के लिए कहता है। लेकिन हम आज कल पानी को इतना ज्यादा फ्जूल खर्च कर रहे है। जिसका अन्दाजा लगाना मुश्किल है। जिसका सिला हमे खुद भुगतना पड़ता है। इसका नतीजा कई जगह सामने भी अ गया है। और कई जगह आने बाला है। कोशो दूर जब पानी लेने जाना पड़ता है। तब वह दिन याद आते है।

*काश हमने इतना पानी बरबाद न किया होता तो आज यह दिन नही देखते अरे भाई यह सब कोन सिखा रहा है। हमारा इस्लाम हमे इसकी तालीम दे रहा कोई और मजहब नही कुरबान जाओ प्यारे आका सल्लल्लाहो तआला अलह वसल्लम पर जिसकी उम्मत मे हमे रबने पैदा किया इस्लाम ने हमे हर बात की तालीम दी है। इन्शा अल्लाह आगे हर बात आप तक पहुँचाई जाइगी आप हजरात से गुजारिश है। पानी की कीमत को समझे बे बजह पानी बरबाद न करे बे बजह पानी न बहाऐ क्योंकि इस्लाम हमे इसकी इजाजत नही देता है।*

📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 20*

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