*【POST 14】हैज व निफास वाली औरतो को मनहूस समझना*

*ज़च्चा पन और महावारी मे औरतो के साथ खाने पीने और उनका झूटा खाने मे हरज नही। हिन्दुस्तान मे जो बाज़ जगह उनके बरतन अलग कर दिये जाते है। उनके साथ खाने पीने को बुरा जाना जाता है या उनके बरतनो को नापाक ख्याल किया जाता है। यह हिन्दुओं की रस्मे है  ऐसी बेहूदा रस्मो से बचना जरूरी है। अलबत्ता इस हालत मे मर्द का अपनी बीबी से हम बिस्तरी करना हराम है  जिससे बचना हमे बहुत जरूरी है।*

मेने करीना ए जिन्दगी की लगभग 40 से ऊपर पोस्ट किया है। जिसमे शोहर बीबी की शोहबत करने के तरीके बयान किए है। अपनी बीबी के साथ इस्लामी कानून के तहित शोहबत करना इबादत मे सुमार होता है। यह लज्जत जन्नत की लज्जतो मे सुमार हे कुछ मुसलमान ऐसे होते है। जिन्हे दीन का इल्म नही होता है। यहा तक के बह शराब जेसी हराम चीज को पीकर अपनी बीबी के साथ शौहबत करते है। उनहे इससे कुछ मतलब नही रहता बीबी हैज से या नही उनहे अपनी ख्वाहिश हफस पूरी करने के लिए बीबी के साथ शोहबत करना है 

*चाहे बीबी इसके लिए तैयार हो या न हो उन लोगो को बता दू इस तरीके से शोहबत करना गुनाह मे सुमार होता है  और इसका असर हमारी औलाद पर पड़ता है  जिससे अक्सर देखा जाता है। कही किसी का बच्चा कुपोसित पैदा हुआ किसी का पेर से अपाहिज हाथ से लूला आंख से अन्धा या शरीर मे कोई न कोई कमी जरूर होती है। या दिमागी संतुलन खराब रहता है। इस लिए हमे इस चीज से बचना चाहिए जब तक बीबी अपने हैज के दिन पार न करले तब तक शोहबत नही करनी चाहिऐ अल्लाह हमे इस गुनाह से बचने की तोफीक अता फरमाऐ ज्यादा बारीकी से जानने के लिए जो मेने करीना ए जिन्दगी की पोस्ट की है  उन्हे पडिऐ इन्शा अल्लाह हर बात आपके समझ मे आ जाइगी।*

📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 22*

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