*कुछ लोग समझते हैं कि ढीले से इस्तिन्जा करने के बाद अगर पानी से भी इस्तिन्जा नही किया और यू ही वुज़ू करके नमाज पढ़ ली तो नमाज नहीं होगी । हालाँकि ढीले से इस्तिन्जा करने बाद पानी से धोना जरूरी नही हाँ दोनो को जमा करना अफजल है। अगर सिर्फ ढीले से इस्तिन्जा करले काफी है। और सिर्फ पानी से करले तब भी काफी और दोनो को जमा करना बहतर व अफजल और यह हुक्म दोनो सूरतो के लिऐ है। चाहे पाखाना किया हो या पेशाब ।*
📖 *_हदीस मे है। एक मरतबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो तआला अलह वसल्लम ने पेशाब फरमाया हजरत उमर फारूके आजम रदीअल्लाहो ताला अनहो एक बरतन मे पानी लेकर पीछे खड़े हो गये हूजूर ने पूँछा यह क्या है? अर्ज किया इस्तिन्जे के लिए पानी है। आपने इरशाद फरमाया मुझ पर यह वाजिब नही किया गया कि हर पेशाब के बाद पानी से पाकी हासिल करूँ।_*
📕 *(मिश्कात सफ़ा 44 सुनने अबू दाऊद जिल्द 1 सफ़ा 7)*
*खुलाशा यह है। कि पाखाना या पेशाब करने के बाद सिर्फ मिट्टी के ढेलों या पत्थरों वगैरह किसी भी नजासत को दूर या खुश्क करने वाली चीज से इस्तिन्जा कर लेना तहारत के लिए काफी है। पानी से धोना जरूरी नही हाँ अफजल व बेहतर है या अगर नजासत इस्तिन्जे की जगह से एक रूपया भर बदन के हिस्से पर फैल गई हो तो पानी से धोना जरूरी है।*
*इस मसअले को तफसील से जानने के लिए देखिए*
📗 *फतावा रजविया जिल्द 2 सफ़ा 165*
📍 *नोट:- जो लोग सफर मे रहते है। वह अपने साथ इस मकसद के लिए कोई पुराना कपड़ा रख लिया करे। यह पानी न मिलने की सूरत में तहारत के लिए बहुत काम आता है।*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 27 28*
📖 *_हदीस मे है। एक मरतबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो तआला अलह वसल्लम ने पेशाब फरमाया हजरत उमर फारूके आजम रदीअल्लाहो ताला अनहो एक बरतन मे पानी लेकर पीछे खड़े हो गये हूजूर ने पूँछा यह क्या है? अर्ज किया इस्तिन्जे के लिए पानी है। आपने इरशाद फरमाया मुझ पर यह वाजिब नही किया गया कि हर पेशाब के बाद पानी से पाकी हासिल करूँ।_*
📕 *(मिश्कात सफ़ा 44 सुनने अबू दाऊद जिल्द 1 सफ़ा 7)*
*खुलाशा यह है। कि पाखाना या पेशाब करने के बाद सिर्फ मिट्टी के ढेलों या पत्थरों वगैरह किसी भी नजासत को दूर या खुश्क करने वाली चीज से इस्तिन्जा कर लेना तहारत के लिए काफी है। पानी से धोना जरूरी नही हाँ अफजल व बेहतर है या अगर नजासत इस्तिन्जे की जगह से एक रूपया भर बदन के हिस्से पर फैल गई हो तो पानी से धोना जरूरी है।*
*इस मसअले को तफसील से जानने के लिए देखिए*
📗 *फतावा रजविया जिल्द 2 सफ़ा 165*
📍 *नोट:- जो लोग सफर मे रहते है। वह अपने साथ इस मकसद के लिए कोई पुराना कपड़ा रख लिया करे। यह पानी न मिलने की सूरत में तहारत के लिए बहुत काम आता है।*
📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 27 28*
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