*【POST 22】नमाज मे दाहिने पैर का अंगूठा सरकने का मसअला*

           *_आमतौर से देहातों मे या छोटे कस्बो मे जहा कम इल्मी पायी जाती हो इस को बहुत बुरा जानते है। यहाँ तक कि नमाज मे दाहिने पैर का अंगूठा अगर थोड़ा सरक जाए तो नमाज न होने का फतवा लगा देते हैं।_*

       *कुछ लोग इस अँगूठे को नमाज की किलिया या खूंटा कहते भी सुने गए है। यह सब जाहिलाना बातें है। किसी भी पैर का अँगूठा सरक जाने से नमाज मे कोई खराबी नही आती। हां बिला बजहा जानबूझ कर कोई हरकत करना ख्वाह जिस्म के किसी हिस्से से हो गलत व मकरूह है।*

        *_हजरत अल्लामा मुफ्ती जलालुद्दीन साहब किब्ला अमजदी फरमाते है।_*
          *दाहिने पैर का अँगूठा अपनी जगह से हट गया तो कोई हरज नही। हां मुकतदी का अँगूठा दाहिने या बाये या आगे या पीछे इतना हटा कि जिस से सफ मे कुशादगी पैदा हो या सीना सफ से बाहर निकले तो मकरूह है।*

     📗 *(फतावा फैजुर्रसूल ज़िल्द 1 सफहा 370)*

       *_खुलासा यह कि अवाम मे जो मशहूर है। कि नमाज़ में दाहिने पैर का अंगूठा अगर अपनी जगह से थोड़ा सा भी सरक जाए तो नमाज़ नही होतीयह उनकी जहालत और गलत फहमी है।_*

📍 *नोट:- इस गुनहगार ने अभी तक जितनी पोस्ट की है। सारी पोस्टो को पड़ने के बाद एक ही सबक मिलता है। नमाज कायम करो नमाज़ किसी भी हाल मे माफ नही है।*

📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा, 28*

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