सवाल- इमाम मेहदी का जहूर किस सन में होगा?
*जवाब- इमाम मेहदी के बारे में अहादीस बकसरत और मुतावातिर हैं मगर इनमें किसी वक़्त का ताय्युन नहीं आला हजरत इमाम अहमद रज़ा रहमतुल्लाह अलैहि फरमाते हैं कि बाज़ उलूम के जरिए मुझे ऐसा ख़्याल गुजरता है कि शायद1837हिजरी में कोई सल्तनत इस्लामी बाकी न रहे और1900हिजरी में इमाम मेहदी जहूर फरमाए।*
(अलमलफूज सफ़्हा104)
सवाल- दाब्बतुल अर्ज़ कितना लम्बा होगा?
*जवाब- दाब्बतुल अर्ज़ साठ ग़ज़ लम्बा होगा।*
(हाशिया जलालैन 13,14सफ़्हा324)
सवाल- दाब्बतुल अर्ज किस जगह से बरामद होगा और किस दिन?
*जवाब- दाब्बतुल अर्ज मुजदलफ़ा की रात को कोहे सफा के जियाद नामी चट्टान से बरामद होगा बाज़ कहते है कि मस्जिदे हराम से निकलेगा बाज़ ने कहा है सफा से बाज़ ने कहा है मुकामे हिज्र से और बाज़ ने कहा है ताएफ से निकलेगा।&
(हाशिया जलालैन14,16सफ़्हा324)
सवाल- दाब्बतुल अर्ज़ जिस्मानी एतिबार से कैसा होगा?
*जवाब- हज़रत इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते है कि दाब्बतुल अर्ज़ मोटे नेजे और भाले की तरह होगा हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते है कि उसके बाल होंगे उसके खुर होंगे दाढ़ी होगी दुम नही होगी हज़रत इब्ने जुबैर रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का कौल है कि उसका सर बैल के सर के मुशाबेह(तरह)होगा आँखे खिऩजीर जैसी और कान हाथी जैसे होंगे सींग की जगह ऊँट की तरह होगी शतुरमुर्ग जैसी गर्दन और शेर जैसा सीना होगा ऊँट जैसे पाँव और बिल्ली जैसी कमर होगी और रंग चीते जैसा होगा इसके चार पैर और दो पर होगें।*
(इब्ने कसीर जिल्द20सफ़्हा2/हाशिया जलालैन 16,सफ़्हा324)
*______________________________________*
*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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*जवाब- इमाम मेहदी के बारे में अहादीस बकसरत और मुतावातिर हैं मगर इनमें किसी वक़्त का ताय्युन नहीं आला हजरत इमाम अहमद रज़ा रहमतुल्लाह अलैहि फरमाते हैं कि बाज़ उलूम के जरिए मुझे ऐसा ख़्याल गुजरता है कि शायद1837हिजरी में कोई सल्तनत इस्लामी बाकी न रहे और1900हिजरी में इमाम मेहदी जहूर फरमाए।*
(अलमलफूज सफ़्हा104)
सवाल- दाब्बतुल अर्ज़ कितना लम्बा होगा?
*जवाब- दाब्बतुल अर्ज़ साठ ग़ज़ लम्बा होगा।*
(हाशिया जलालैन 13,14सफ़्हा324)
सवाल- दाब्बतुल अर्ज किस जगह से बरामद होगा और किस दिन?
*जवाब- दाब्बतुल अर्ज मुजदलफ़ा की रात को कोहे सफा के जियाद नामी चट्टान से बरामद होगा बाज़ कहते है कि मस्जिदे हराम से निकलेगा बाज़ ने कहा है सफा से बाज़ ने कहा है मुकामे हिज्र से और बाज़ ने कहा है ताएफ से निकलेगा।&
(हाशिया जलालैन14,16सफ़्हा324)
सवाल- दाब्बतुल अर्ज़ जिस्मानी एतिबार से कैसा होगा?
*जवाब- हज़रत इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते है कि दाब्बतुल अर्ज़ मोटे नेजे और भाले की तरह होगा हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते है कि उसके बाल होंगे उसके खुर होंगे दाढ़ी होगी दुम नही होगी हज़रत इब्ने जुबैर रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का कौल है कि उसका सर बैल के सर के मुशाबेह(तरह)होगा आँखे खिऩजीर जैसी और कान हाथी जैसे होंगे सींग की जगह ऊँट की तरह होगी शतुरमुर्ग जैसी गर्दन और शेर जैसा सीना होगा ऊँट जैसे पाँव और बिल्ली जैसी कमर होगी और रंग चीते जैसा होगा इसके चार पैर और दो पर होगें।*
(इब्ने कसीर जिल्द20सफ़्हा2/हाशिया जलालैन 16,सफ़्हा324)
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*हदीसे पाक में है कि इल्म फैलाने वाले के बराबर कोई आदमी सदक़ा नहीं कर सकता।*
(क़ुर्बे मुस्तफा,सफ़्हा100)
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